How protein timing work in muscle building

जैसा कि हम सब जानते हैं कि प्रोटीन एक एसेंशियल मैक्रोन्यूट्रिएंट है और इसके बिना हम ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकते हैं। जिन्हे नहीं पता कि प्रोटीन क्या है, प्रोटीन एक मैक्रो न्यूट्रिएंट्स है जैसे कार्बोहाइड्रेट और फैट होते हैं। प्रोटीन हमारे शरीर में मसल रिपेयरिंग, मसल बिल्डिंग, और मसल ग्रोथ का कार्य करता है।

वैसे तो तीनों ही मैक्रो न्यूट्रिएंट्स जरूरी होते हैं लेकिन प्रोटीन इनमें सबसे ज्यादा जरूरी होता है। प्रोटीन अमीनो एसिड से बना होता है जो शरीर में विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं। इनके बिना शरीर में कई कार्य करना संभव ही नहीं होता है। यहां तक कि आपके शरीर में ग्रोथ हार्मोन्स, टेस्टोस्टेरोन, और अन्य हार्मोन्स बनाने के लिए जरूरी होता है।

क्यूंकि प्रोटीन इतना जरूरी है इसलिए इसकी रोजाना पूर्ति करना भी जरूरी है। और इसी के कारण कई लोगो को इसके टाइमिंग और डोसेज को लेकर मन में कई सवाल रहते हैं। आज हम आपको प्रोटीन टाइमिंग के बारे में सारी जानकारी देंगे।

What is protein in hindi

सबसे पहले बात करते हैं प्रोटीन होता क्या है? तो जैसा आपको ज्ञात होगा कि प्रोटीन अमीनो एसिड से बना हुआ एक मैक्रो न्यूट्रिएंट्स होता है और यह हमें खाने की कई चीजों से प्राप्त होता है जैसे:- अंडे, पनीर, दूध, इत्यादि।

प्रोटीन के दो सोर्स होते हैं प्लांट्स और एनिमल। प्लांट्स यानी पौधे, इनसे मिलने वाला प्रोटीन अधिकतर इनकंप्लीट प्रोटीन होता है जिसका अर्थ है इससे आपको सभी एसेंशियल अमिनोस नहीं मिलते हैं। दाल, फल, सब्जियां यह सब प्लांट से मिलने वाली प्रोटीन के सोर्स हैं।

एनिमल यानी जीव जंतु या जानवर। इनसे मिलने वाला प्रोटीन कंप्लीट प्रोटीन सोर्स होता है। अंडे, चिकन, दूध इत्यादि एनिमल बसेड प्रोटीन में आता है। हालांकि एनिमल सोर्स होने से दूध इत्यादि मासाहारी नहीं बन जाता।

इसके अलावा मार्केट में कई सप्लीमेंट ब्रांड्स ने कई तरह के प्रोटीन लॉन्च किए हैं जैसे whey, casein, soya, pea इत्यादि। जो अलग अलग तरह के सोर्सेज से तैयार किए जाते हैं ताकि सभी तरह के लोग उन्हें इस्तेमाल कर सकें।

Does protein timing matters for muscle building in Hindi

आजकल जिम जाने वाले अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। और उनमें से अधिकतर लोग अपने प्रोटीन इंटेक की टाइमिंग या समय को लेकर थोड़ा मुश्किल में रहते हैं। इसका सरल और सीधा जवाब है कि आप प्रोटीन किसी भी वक़्त ले सकते हैं उससे आपके शरीर को कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्रोटीन अकेला ऐसा मैक्रो न्यूट्रिएंट्स है जो शरीर में इक्कठा या जमा नहीं होता। वह केवल 24घंटे तक ही आपके शरीर में रहता है और जितनी आपके शरीर को जरूरत होती है उतना इस्तेमाल करने के बाद शेष प्रोटीन को आपकी किडनी आपके शरीर से बाहर कर देती हैं। इसके कारण ही अधिक मात्रा में प्रोटीन खाने से किडनी खराब होने लगती है।

प्रोटीन की एक विशेषता है कि उससे खाने से आपको भूल कम लगती है जिसके कारण आपको प्रोटीन को इस हिसाब से खाना पड़ता है जिससे आपकी भूल और असर ना पड़े और आपको सही समय पर भूल लगे। साथ ही बहुत से लोगो के पास खाने का समय कम होता है इसलिए उन्हें भी अपनी प्रोटीन कि टाइमिंग बनानी पड़ती है। हालांकि प्रोटीन टाइमिंग जरूरी नहीं है लेकिन कुछ ऐसे समय होते हैं जब प्रोटीन खाने से आपके शरीर को अधिक लाभ होता है। इसका अर्थ यह नहीं होता की आप सिर्फ इन्हीं समय पर प्रोटीन खा सकते हैं परन्तु इन समयों पर आपके शरीर को प्रोटीन की अधिक जरूरत होती है जिसके कारण उस समय सेवन से आपके शरीर को बहुत लाभ होता है।

सुबह उठने के बाद

सुबह उठने के 30मिनट्स के भीतर प्रोटीन लेने से आपके शरीर को बहुत लाभ होता है। क्यूंकि आप पूरी रात सोए होते है जिसका अर्थ होता है आपने लगभग 7-8घंटे से कोई खाना नहीं खाया और सुबह प्रोटीन खाने से आपको मसल रिकवर करने में सहायता मिलती है और जो मसल टिश्यूज़ ऊर्जा के लिए इस्तेमाल हुए है उन्हें ठीक करने में भी मदद मिलती है। अधिकतर लोग सुबह व्हे प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं क्यूंकि व्हे प्रोटीन जल्दी पच के शरीर में मिल जाता है जिससे आपके शरीर को तुरंत भारी मात्रा में प्रोटीन मिल जाता है।

पोस्ट वर्कआउट में

एक्सरसाइज करने के बाद हमारे शरीर को भारी मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। क्यूंकि आपने अपने मसल्स को एक्सरसाइज करके डैमेज किया है इसलिए उन्हें रिपेयर करने के लिए प्रोटीन चाहिए होता है। कई लोग मानते हैं कि एक्सरसाइज के तुरंत बाद ही प्रोटीन लेना होता है अथवा उसका कोई फायदा नहीं होता परन्तु ऐसा नहीं है एक्सरसाइज के बाद आपके पास 5 घंटे तक का समय होता है अपने शरीर को सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स देने का।

क्यूंकि एक्सरसाइज करने से आपका मेटाबोलिक रेट बढ़ जाता है जिससे आपके शरीर की पचाने कि क्षमता बढ़ जाती है और इस समय आप जो भी खाते है उससे आपकी पाचन शक्ति उस समय अधिक न्यूट्रिएंट्स सोखती है आपके बाकी पूरे दिन के मुकाबले। हालांकि आप जितना जल्दी प्रोटीन लेंगे उतना ही जल्दी आपके मसल्स ठीक होने लगेंगे। इस समय इस्तेमाल के लिए भी व्हे प्रोटीन सबसे उत्तम माना जाता है परन्तु आप अंडे, चिकन, पनीर, दाल, सोया बड़ी इत्यादि का उपयोग भी कर सकते हैं।

रात को सोने से पहले

रात को आपको आपको प्रोटीन की बहुत जरूरत होती है क्यूंकि हमारा शरीर रात को ही अपने आप को ठीक करता है जिसके लिए उससे प्रोटीन की अधिक जरूरत होती है। कुछ रिसर्च में पाया गया है कि रात को व्हे प्रोटीन की जगह casein का सेवन करना बेहतर होता है लेकिन मेरे अनुभव से मैंने पाया है कि casein के इस्तेमाल से कोई फर्क नहीं पड़ता है। दोनों ही प्रोटीन के इस्तेमाल से आपकी मसल ग्रोथ समान रहती है। इस समय आप दूध, पीनट बटर इत्यादि का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्रोटीन टाइमिंग से ज्यादा अधिक जरूरी होता है रोजाना प्रोटीन इंटेक। आपको रोजाना कम से कम अपने वजन (किलो में) से दो गुना प्रोटीन लेनी होती है। इसके अलावा अगर आप बहुत ज्यादा शारीरिक कार्य करते हैं तो आपको थोड़ी ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ सकती है।

प्रोटीन या अन्य मैक्रो न्यूट्रिएंट्स, ट्रेनिंग, सप्लीमेंट्स की जानकारी आपको हमारी ebook में मिल जाएगी। जिसमें विस्तार से मसल बढ़ाने, फैट घटाने, डायट, ट्रेनिंग और जरूरी सप्लीमेंट्स के बारे सारी जानकारी है।

Basic Fitness Guide

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इससे लाइक करें और शेयर करें। आपके विचार या सवाल हमारे साथ कमेंट में शेयर करें और हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब करें।

%d bloggers like this: