Fat Loss vs Weight Loss in hindi

बहुत से लोग weight loss को ही fat loss समझ लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है सिर्फ नाम ही अलग नहीं है इनके अर्थ भी अलग है। आज आपको इन दोनों का पूर्ण अर्थ और इन के बीच का अंतर बताऊंगा और यह भी बताऊंगा की कौन सा बेहतर है।

वैसे दोनों ही अधिक वजन से मतलब रखते हैं लेकिन दोनों के बीच में बहुत अंतर होता है। और साथ ही दोनों के प्रोसेस में भी काफी फर्क होता है।

मैं बहुत से लोगो से जिम में मिला हूं जो वजन घटाना चाहते हैं और वे अधिकतर पेट की चर्बी घटने का प्रयास करते हैं। उस चर्बी को घटाने के लिए या वजन कम करने के लिए वे बहुत सारी कार्डियो एक्सरसाइज करते हैं, उससे कुछ हद तक फर्क पड़ता है परन्तु कुछ ऐसे परिणाम भी होते हैं जो उन्हें थोड़ा निराश कर देते हैं। मेरी सलाह हमेशा उन्हें थी होती है कि आप वजन घटाने कि जगह फैट घटाने का प्रयास करें परन्तु उन्हें इसका अंतर नहीं पता चलता। दरअसल weight loss का अर्थ होता है वजन घटाना और इसका अर्थ है पूरे शरीर से वजन घटना वहीं fat loss का अर्थ है सिर्फ फैट घटाना।

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Weight loss

वजन घटाना एक बहुत आम समस्या है। बहुत से लोग अपने अधिक वजन से परेशान रहते हैं और उनके ज्यादा वजन के कारण उन्हें कई समास्याएं और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। Weight loss उससे बढ़े वजन को घटाने का प्रोसेस है, और इस प्रोसेस में आप अपने शरीर से भारी मात्रा में वजन घटाते हैं और एक सही वजन पर आते हैं। लेकिन इसमें आपके पूरे शरीर से वजन घटता है जिसका अर्थ है आप काफी मसल साइज भी खोते हैं। मसल साइज गिरने से आपका शरीर पतला और कमजोर हो जाता है। यह प्रोसेस उन लोगो के लिए अच्छा होता है जो जरूरत से ज्यादा भारी है या 100 किलो से अधिक है। Weight loss लड़कियों या महिलाओं के लिए भी अच्छा रहता है, क्यूंकि females का शरीर 60% से अधिक फैट से बना होता है जिसके कारण उन्हें अपने फैट को एक सीमा में रखना होता है। वहीं उनके शरीर में मसल की मात्रा कम होती है और अधिक मात्रा में मसल बनते भी नहीं है क्यूंकि उनके अंदर मसल बनाने वाले हार्मोन्स कम होते है। Weight loss प्रोसेस में लोग 10-30 किलो वजन कुछ हफ्तों में कम कर लेते हैं जो कि अधिक वजन वाले लोगो के लिए अच्छा है।

Fat loss

शरीर से सिर्फ बढ़ा हुआ फैट घटाने के लिए इस प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रोसेस में आप फैट कम करते है और मसल साइज को गिरने से रोकते हैं ताकि आपका शरीर मस्कुलर दिखे। यह प्रोसेस वैसे तो अधिकतर बॉडीबिल्डर्स, या एथलीट्स इस्तेमाल करते हैं। शरीर में फैट बढ़ने से कई नुकसान होते है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए इसे अधिक नहीं बढ़ने देना चाहिए। Fat loss में आप कार्डियो के साथ-साथ वेट ट्रेनिंग करते हैं जिससे आपका मसल मास बड़ता है और आपके शरीर से बढ़ा हुआ फैट घटने लगता है। वैसे तो fat loss थोड़ा धीमा प्रोसेस है लेकिन यह ज्यादा अच्छा तरीका है फैट घटाने का, क्यूंकि मसल बढ़ने से फैट कम जमा होता है और आपके शरीर की सेहत भी अच्छी रहती है।

Fat Loss vs Weight Loss in hindi

Fat loss vs weight loss in hindi

#1

बहुत से लोग जिम में वजन बढ़ाने जाते है और वजन बढ़ाने के दौरान उनका शरीर थोड़ा फैट भी जमा करता है जो कि एक आम प्रक्रिया है। इसके बाद जब वह मसल्स को अच्छी शेप और डेफिनिशन देने के लिए बढ़े हुए फैट को कम करते हैं तो वह चाहते है कि कम से कम मसल साइज गिरे जो कि सिर्फ फैट लॉस से ही संभव है। बहुत सारी रिसर्च में पाया गया है कि फैट लॉस में वेट लॉस के मुकाबले बहुत ही कम मसल साइज गिरता है और साथ ही स्ट्रेंथ भी कम नहीं होती। वहीं वेट लॉस में शरीर से ताकत के साथ मसल कम होते है जो जरूरी न्यूट्रिएंट्स से भरे होते है जिसके कारण शरीर से की जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी कम हो जाते है।

#2

काफी सारी रिसर्च में पाया गया है कि फैट लॉस के दौरान आपके शरीर के हार्मोन्स संतुलित रहते है और आपके शरीर में जरूरी हार्मोन्स बढ़ते भी है। वहीं वेट लॉस के दौरान कुछ हार्मोन्स काफी तेजी से कम होते है जो शरीर के लिए अच्छा नहीं है।

#3

बहुत सारे लोग वजन एब्स निकालने के लिए कम करते हैं लेकिन वेट लॉस से शरीर का वजन कम होता है और इसका अर्थ यह नहीं होता है कि आपके एब्स निकाल आएंगे। एब्स एक मसल ग्रुप है जो बाकी मसल्स की ही तरह बढ़ता है इसके लिए आपको उसकी एक्सरसाइज करनी पड़ती है ताकि वह बढ़ सके। वहीं फैट लॉस में यह पूरी तरह संभव होता है कि आपके एब्स निकल जाएंगे ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके एब्स के ऊपर जो फैट जमा हुआ होता है उसे आप कम कर देते है और इसके कारण आपके एब्स जो कि सबके होते ही हैं अच्छे से दिखने लगते हैं।

#4

बहुत सारे लोगो में अकसर देखा गया है कि उन्हें वेट लॉस के दौरान सोने में काफी दिक्कत होती है ऐसा क्यों कारणों से होता है जैसे:- हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ना, न्यूट्रिएंट्स की कमी, शरीर पर दवाब बढ़ना इत्यादि। और बहुत से लोग वेट लॉस को करते वक़्त काफी मायूस और लो महसूस करते है और वे इस प्रक्रिया को मध्य में छोड़ देते हैं या पूरा होने के बाद ज्यादा समय तक नहीं कर पाते हैं। वहीं फैट लॉस में मसल की शेप और साइज बढ़ने से लोग और ज्यादा मोटिवेट हो जाते हैं और इसके कारण वे इससे और ज्यादा आनंद लेकर करने लगते हैं। क्यूंकि यह उनके लिए मजेदार होता है इसलिए वे इसे पूरा तो करते ही हैं साथ ही इससे बड़े लंबे समय तक भी करते हैं, अधिकतर तो पूरी जिंदगी करते हैं।

#5

क्यूंकि वेट लॉस में आप कम कैलोरीज़ की डायट लेते है इसका भी आपके शरीर पर बुरा असर पड़ता है, ऊर्जा में कमी, चिड़चिड़ापन, थकान इत्यादि। वहीं फैट लॉस में आपको बहुत कम कैलोरीज़ खाने की जरूरत नहीं पड़ती है जिसके कारण आप काफी ऊर्जा से भरपूर रहते हैं।

मैंने आजतक जो अनुभव किया उसके अनुसार फैट लॉस ज्यादा बेहतर होता है और यह सिर्फ मेरा मानना नहीं है ऐसा साइंस और लोगो का भी अनुभव है। अगर आपका वजन भी बहुत अधिक नहीं है और आप भी बढ़े हुए फैट को कम करना चाहते हैं तो आपको वेट लॉस की जगह फैट लॉस करना चाहिए।

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