Beginner ke liye best exercise

एक बिगिनर को जिम में बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिनमें से एक है की कौन-कौन सी एक्सरसाइज करने से उनके शरीर में सबसे अच्छा रिजल्ट आएगा। तो आज हम बात करेंगे उन कुछ एक्सरसाइज के बारे में जो एक बिगिनर के लिए बेहद जरूरी होती है और उन्हें एक बेहतर शुरुआत देती है।

Bench Press

तो पहली एक्सरसाइज है बेंच प्रेस (Bench Press)। बेंच प्रेस एक कंपाउंड मूवमेंट है जो हमारे शरीर के लगभग हर एक हिस्से को टारगेट करता है।

लेकिन मसल टारगेट कई किस्म का होता है, जिसमें से पहला होता है प्राइमरी मसल टारगेट, जिसका अर्थ है कि जिस मसल्स पर सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है या वह मसल जो मेंन मसल के रूप में काम कर रहा है। दूसरा है सेकेंडरी मसल्स जिसका अर्थ होता है सहायक मसल्स जो एक्सरसाइज को करने में मदद करते हैं। और तीसरा है अन्य मसल्स जो संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।

बेंच प्रेस सबसे अधिक चेस्ट और ट्राइसेप्स टारगेट करता है। और सेकेंडरी मसल्स होते हैं या फ्रंट डेल्ट और बैक। और अन्य मसल्स जो बेंच प्रेस से प्रभावित होते हैं वह होते हैं एब्डोमिनल्स और लेग्स।

बेंच प्रेस करने से हमारे शरीर में धक्का देने की क्षमता काफी बढ़ जाती है जिसकी वजह से हमें भारी वस्तुएं धकेलने में बहुत आसानी होती है। इस एक्साइज को करने से ही आपकी अन्य एक्सरसाइज को करने की क्षमता भी बढ़ जाती है जिसकी वजह से आपका शरीर बेहद अच्छे तरीके से बढ़ने लगता है। इस एक्सरसाइज का हमारे शरीर के अंदर भी काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है यह हमारे ग्रोथ हार्मोन और टेस्टोस्टेरोन लेवल्स को भी बढ़ाता है।

Deadlift

दूसरी एक्सरसाइज़ है डैड़लिफ्ट (Deadlift)। यह एक महत्वपूर्ण एक्सरसाइज़ है जो ऐडी से लेकर चोटी तक सभी मसल्स पर प्रभाव डालती है। प्राइमरी मसल्स में सम्पूर्ण बैक, लैग्स और ट्रैप्स होते हैं। वहीं सेकेंडरी मसल्स में बाइसेप्स, फोरआरम्स और ग्लूटस आते हैं। डैड़लिफ्ट करने से खिंचने और पकड़ने की क्षमता काफी बढ़ जाती है। हैवी डैड़लिफ्ट करने से टेस्टोस्टेरोन लेवल 33% तक बढता है और कुछ ऐसे मसल्स जिन्हें आप शायद ही टारगेट करते हैं वो भी बढ़ने लग जाते हैं।

Bent Over Row

तीसरी एक्सरसाइज़ है बैंटओवर रो (Bent Over Row)। यह बैक के लिए कि जाने वाली एक्सरसाइज़ है लेकिन इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है। बैक प्राइमरी मसल्स में आती है वहीं बाइसेप्स, फोरआरम्स, डेल्टस और ग्लूटस सेकेंडरी मसल्स में आते हैं। बाकी मसल्स संतुलन बनाते हैं। यह एक्सरसाइज़ बैक की मोटाई बढ़ाने में बहुत सहायक होती है। और आपके कोर को संतुलन करने में मदद करती है जिससे आपकी अन्य एक्सरसाइज़ की फोर्म में बहुत सुधार होता है।

Squat

चौथी एक्सरसाइज़ है स्क्वाट (Squat)। इस एक्सरसाइज़ को किंग ऑफ लैग एक्सरसाइज़ भी कहा जाता है जिसका मतलब है कि यह लैग्स के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज़ है। स्क्वाट का प्राइमरी मसल लैग्स होती है वहीं सेकेंडरी मसल्स लोअर बैक, कोर, काल्फ् होते हैं। बाकी मसल्स संतुलन और बारबैल़ को टिकाए रखने में मदद करते हैं। स्क्वाट मसल्स ग्रोथ में बहुत सहायक होती है और ग्रोथ हार्मोन और टेस्टोस्टेरोन लेवल्स को भी बढ़ाती है।

Military Press

पांचवीं एक्सरसाइज़ है मिलिट्री प्रैस (Military Press)। यह कंधों की एक्सरसाइज़ है लेकिन इसका प्रभाव भी दूसरे हिस्सों पर भी पड़ता है। इसे दो तरीके से किया जा सकता है, बैठ कर या खड़े होकर। बैठ कर करने से लैग्स से प्रभाव हट जाता है। प्राइमरी मसल्स में डैल्टस आते हैं वहीं सेकेंडरी मसल्स में बैक, ट्राइसेप्स और कोर आते हैं। यह एक्सरसाइज़ डैल्टस और ट्राइसेप्स की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यह पांच महत्वपूर्ण एक्सरसाइज़ है जो एक बिगिनर को जरूर करनी चाहिए। इससे आपकी ताक़त बढ़ती और मसल्स साइज़ भी बढता है। यह एक्सरसाइज़ सिर्फ बिगिनर ही नहीं बल्कि हर एक जिम करने वाले व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। यह ना सिर्फ आपके मसल्स पर बल्कि आपके हार्मोन लेवल्स को भी संतुलित करती हैं।

इन एक्सरसाइज़ के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट में हमें बताएं।

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